रायसेन में नदी किनारे मिला 5 साल का मासूम:घर से भटक कर पहुंचा, पुलिस ने सोशल मीडिया पर फोटो डालकर खोजा परिवार

रायसेन जिले के उमरावगंज थाना क्षेत्र में 5 वर्षीय एक बच्चा बेतवा नदी के किनारे भटका हुआ मिला। बच्चा अपना नाम और पता ठीक से नहीं बता पा रहा था, जिससे उसकी पहचान करना चुनौती बन गया। यह मामला 24 फरवरी को सामने आया, जब डायल 112 को सूचना मिली कि गोकलाकुंडी गांव के पास नदी किनारे एक छोटा बच्चा अकेला घूम रहा है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित अपने साथ थाने लाई। वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। पता नहीं बता पा रहा था बच्चा बच्चे से बातचीत कर उसका घर पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन वह अपने पिता या गांव का नाम नहीं बता सका। इसके बाद उसकी तस्वीर खींचकर आसपास के थाना क्षेत्रों में साझा की गई। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी फोटो प्रसारित की गई, ताकि पहचान हो सके। सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद सुराग मिला कि बच्चा भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र के मक्सी गांव का रहने वाला है। सूचना मिलते ही परिजनों से संपर्क किया गया और उन्हें बुलाया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को सुरक्षित परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इस तरह तकनीक और सोशल मीडिया की मदद से भटके हुए बच्चे की पहचान कर उसे परिवार तक पहुंचाया जा सका।

रायसेन में नदी किनारे मिला 5 साल का मासूम:घर से भटक कर पहुंचा, पुलिस ने सोशल मीडिया पर फोटो डालकर खोजा परिवार
रायसेन जिले के उमरावगंज थाना क्षेत्र में 5 वर्षीय एक बच्चा बेतवा नदी के किनारे भटका हुआ मिला। बच्चा अपना नाम और पता ठीक से नहीं बता पा रहा था, जिससे उसकी पहचान करना चुनौती बन गया। यह मामला 24 फरवरी को सामने आया, जब डायल 112 को सूचना मिली कि गोकलाकुंडी गांव के पास नदी किनारे एक छोटा बच्चा अकेला घूम रहा है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित अपने साथ थाने लाई। वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। पता नहीं बता पा रहा था बच्चा बच्चे से बातचीत कर उसका घर पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन वह अपने पिता या गांव का नाम नहीं बता सका। इसके बाद उसकी तस्वीर खींचकर आसपास के थाना क्षेत्रों में साझा की गई। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी फोटो प्रसारित की गई, ताकि पहचान हो सके। सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद सुराग मिला कि बच्चा भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र के मक्सी गांव का रहने वाला है। सूचना मिलते ही परिजनों से संपर्क किया गया और उन्हें बुलाया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को सुरक्षित परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इस तरह तकनीक और सोशल मीडिया की मदद से भटके हुए बच्चे की पहचान कर उसे परिवार तक पहुंचाया जा सका।